इश्क़

​बातें रोज नहीं होती हमारी 

पर हर दिन 

उसकी सोच हमें लगे प्यारी ।।
अब हर बात पे उसका जिक्र

नहीं होता ।

पर वो ठीक रहे ये फिक्र भी

कम नहीं होता ।।
चाँद की तरह रातों को 

घटता बढ़ता रहता 

उसकी यादों का सिलसिला ।

पर 

फिर भी चाँदनी कम नहीं होती ।।
कोई वादा नहीं किया हमने 

पर 

अब भी उसका इंतज़ार होता है ।
आवाज़ कानों तक आ जाये 

या उसकी

तस्वीर आँखों के सामने 

मेरे लिये वही बहार होती है ।।

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