Zid

बचपन कुछ पाने की जिद मे रोता था 

 

जवानी किसी को भुलाने की जिद मे रोता है #Abvishu

Dard

लाख तकलीफे हो दिल को कभी पिघलने मत देना
पिघले हुए सिक्के का पहलू नहीं होता है #AbvishuImage

PaPa

मुझे बस के इंतज़ार मे खड़ा न रहना पड़े 

इसलिए पिताजी बस मे खड़े आते थे #AbvishuImage

सुबह से शाम

रोज़ सुबह से शाम हवाएं तेरी यादों से गुजर के आती है 

फिर शाम साँसों से उतरकर सीने मे बैठ जाती है |

 

रोज़ सुबह से शाम बादल भी तेरी यादें संजोती है 

फिर हर शाम उन यादों को मुझपे बरसा जाती है |

 

रोज़ सुबह से शाम पंछी भी तेरी यादें चुन के लाती है 

फिर हर शाम यादों के साथ मेरे दिल के आशियाने मे लौट आती है |

 

और हर शाम उन यादों को समेटकर मै बिखर जाता हूँ ||

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इबादत

मेरे खिजा का इसमें क्या दोष जो तुमने रास्ता ही बदल दिया

 

मंदिर की संगमरमर ने आदत डलवा दी थी चप्पल खोलने की

 

और उसके घरवाले अनपढ़ समझ बैठे

Yaad

तेरी यादों से दूर मत कर मुझे ,इससे Image

तेरी दुनिया बेहतर हो या न हो ,पर

मेरी दुनिया ख़त्म हो जाएगी #Abvishu