मैकडोनल्ड

​भूख दोनों को नहीं थी 

पर 

एक दुसरे को बैठ देखने की 

चाह 

मैकडोनल्ड तक ले गई ।


वो खाते खाते जब नज़रें झुकाती 

मैं 

उसका चेहरा ठीक उसी वक़्त 

आँखों में क़ैद कर लेता ।


वो जब मुस्कुरा देती 

मैं खुद को सँभालने 

के चक्कर में 

दो चार फ्रेंच फ्राइज एक साथ 

उठा लेता ।


एक टुकड़ा देकर स्पाइसी चिकेन का

पुछा मुझसे उसने 

तीखा है न ?

उसके होठों से लग के आया 

हुआ टुकड़ा भला कैसे 

तीखा होता 

पर सर हाँ में ही हिला ।


कोक में से एक एक कर 

बर्फ के टुकड़े निकालती 

हुई जब उसने 

मुझे देखा 

मैं भी बर्फ के साथ जैसे थोड़ा पिघल गया ।


लौटते वक़्त बिल के साथ 

उस टेबल पर

मैंने अपना दिल भी रख छोड़ दिया था ।


जाते जाते मुड़कर

दोनों को वहाँ से 

उठा अपने पास ही रख लिया उसने ।।

#Abvishu

Advertisement

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s