मैं या मैं नहीं 

​वो मैं जो 

उठ कर सोचता नहीं था 

दिन कैसे बीतेगा ।


वही मैं जो वक़्त नहीं 

अपने हिसाब से चलता था ।


सोच समझ कर बोलता अब 

जो 

कुछ भी बोलकर सोचता न था ।


विश्वास नहीं होता अब की 

ये भी इसी जन्म की बात है ।।

#Abvishu 

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